बरसात

The last stanza is an ode to the original song from the 2001 movie Yaadien

कुछ रोज पहले ऐसी
बरसात हुई थी
मुद्दतो बाद याद तेरी
आई हुई थी

कुछ सांसे सहमी सी
बोझल हुई थी
घडी भी शायद थोड़ी
रुकी हुई थी

जिंदगी एक किताब सी 
बनी हुई थी
जहाँ एक अधूरी कहानी
छिपी हुई थी

तू पहचान जिसमे मेरी
बन ना पाई थी
कुछ खामोश ख्वाइशें भी
वहाँ खोई हुई थी

“कुछ साल पहले दोस्तों
एक बात हुई थी
हमको भी मोहब्बत 
किसी के साथ हुई थी”

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