हँसी

आज ये पलकें बोझल ही रहेंगी
आज धड़कनों में राहत नहीं होगी
आज ख्वाइशें भारी सी लगेगी
आज साँसे भी सारी शोर मचाएंगी

उलझने जिंदगी कोई
आज सुलझने नही देगी

आज बादल को कोई हटाएगा नही
आज तूफान को कोई रोकेगा नहीं
आज कश्ती को कोई बचाएगा नही
आज दिल को कोई सवारेगा नही

तकदीर को कोई
आज तबदील करेगा नही

कल मगर एक नई सुबह आएगी
कल शायद कोई राह दिख जायेगी
कल कही कोई मुराद मंज़िल पाएगी
कल शायद जीने की तमन्ना मिलेगी

आज को याद कर कल
थोड़ी हँसी भी आ जायेगी

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