“इतना smile करोगे तो
कौन लेगा seriously तुम्हें?”,
“थोड़ा मुस्कुराओगे मेहमानों में
तो पैसे नहीं कटेंगे bank से”,
“गुस्सा तुम क्यों हो रहें हो
बात तो सही हैं ना उनकी?”,
“पैसे ले गया जादा तुमसे वो
गुस्सा कैसे नहीं आ रहाँ तुम्हे?”,
“चिल्लाओं मत उनपे तुम,
भगवान का रूप होते हैं बच्चे”,
“इतने नरमी से पेश आओगे,
तो बच्चे हाथ से निकल जाएंगे”,
“Match ही तो हैं कोई जंग नहीं
इतना emotional क्यों हो रहें हो?”,
“ऐसे आराम से कैसे सो सकते हो
किसी का दर्द कभी समझ पाए हो?”