अंग्रेज कर गए बटवारा
अब अमरीकी पुकारे भाईचारा
निकलेगी जब अगली गोली
होगा छल्ली छल्ली
फिर एक बेकसूर सीना
देना जरूर तुम तसल्ली
कहकर कि बस
सीज़फायर तक ही तो हैं रोना
एहसान मनाएगी तुम्हारा
गम में डूबी हर ममता
Poems by Rohit Malekar
अंग्रेज कर गए बटवारा
अब अमरीकी पुकारे भाईचारा
निकलेगी जब अगली गोली
होगा छल्ली छल्ली
फिर एक बेकसूर सीना
देना जरूर तुम तसल्ली
कहकर कि बस
सीज़फायर तक ही तो हैं रोना
एहसान मनाएगी तुम्हारा
गम में डूबी हर ममता