लब्ज़ कही कागज पे
आज उतर ना जाए
जज़्बात कही निगाहों से
जाहिर ना हो जाए
ख्वाइशें कही सीने से
परे ना हो जाए
आपको क्या खबर
आपकी मौजूदगी का असर
मेरी धड़कनों से कही इश्क मेरा
बयान ना हो जाए
Poems by Rohit Malekar
लब्ज़ कही कागज पे
आज उतर ना जाए
जज़्बात कही निगाहों से
जाहिर ना हो जाए
ख्वाइशें कही सीने से
परे ना हो जाए
आपको क्या खबर
आपकी मौजूदगी का असर
मेरी धड़कनों से कही इश्क मेरा
बयान ना हो जाए