तूफान

यादों से सी लेंगे
ज़ख्म तन्हाई के
ढूंढ लेंगे लत कोई
वक़्त की पैमाइश के लिए

मुश्किलें तो तब हैं
जब बरसात आएगी
छोटी सी बूंदे जब
दिल को दस्तक दे जाएगी

जब अपने अंदर का तूफान
खुद ना रोक सका आसमान
आँखों की क्या हैसियत
तेहज़ीब में पेश आएँगी

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