बेजुबान

तू कहां
चल दी
ए जिंदगी

अंजान राहें
तन्हा ये बाहें
रूसवे जो इतने
जुदा हम हमसे

टूटे सपने
गमगीन आंखे
आंगन में बिखरे
ख्वाइशों के अंगारे

ढूंढे पल हलके
ये बोझल पलके
दिलसे पर बरसे
बेजुबान चीखें

तू कहां
चल दी
ए जिंदगी

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.