अंग्रेज कर गए बटवारा
अब अमरीकी पुकारे भाईचारा
निकलेगी जब अगली गोली
होगा छल्ली छल्ली
फिर एक बेकसूर सीना
देना जरूर तुम तसल्ली
कहकर कि बस
सीज़फायर तक ही तो हैं रोना
एहसान मनाएगी तुम्हारा
गम में डूबी हर ममता
Unshaken
The deepest depths
the Maker could carve
must bow in awe—
dwarfed and dimmed
by the boundless blaze
of your unflinching gaze,
filled with love, unshaken.
वजह
ऐसा नहीं है कि अब
नहीं लगती बारिश सुहानी
कोयल को सुनकर आज भी
गुनगुना लेता हूँ मैं भी धुन वही
ऐसा नहीं है कि अब
सपनों की हैं कोई कमी
अपनी कमियों को आज भी
कामयाबी में बदलने का है यकीन
ऐसा नहीं है कि अब
रुकी हुईं है जिंदगी कही
अगर बंद कर लूं मुठ्ठी आज भी
हौसला है वक्त को काबू कर लूं वही
मगर अफसोस है ये अब
आदत आपकी हमें कुछ ऐसी थी
की जब से हुईं परे दिल से वो मौजूदगी
जाहिल ढूंढता रहता है वजह मुस्कुराने की
मध्यान्ह
भर दुपारी उन्हात
आयुष्याचं मध्यान्ह जाणवलं
संध्याकाळ होणार आता
ह्या विचारानं घर मांडलं
थोडसं का होईना मग
काळजात कसं धस्स झालं
सकाळपासून दंगा घालण्यात
कसं अर्ध जगणं संपलं
मनाला नाही मानवत मात्र
अधून मधून थकल्यासारखं वाटतं
वळते तोपर्यंत वळवायची आता मूठ
घाण्याबाहेर बैल जाणार कुठं
गुत्थी
ये शाम ढल क्यों नहीं रहीं?
ये पहेली सुलझ क्यों नहीं रहीं?
आसमान में तारे तो हैं
पर रौशनी अधूरी सी क्यों?
हवा में खुशबू तो है
पर महक से वो परे क्यों?
ये धड़कन कुछ रुकी सी हैं क्यों?
ये जिंदगी कुछ गुत्थी सी हैं क्यों?
दास्तान
मोहब्बत में कुर्बानी की दास्तान
किसी मजनू से मत पूछना
तुम पूछना उस बादल से
जिसने काटी अनगिनत दूरियाँ
सहकर जाने कितनी आँधियाँ
सिर्फ इस एक उम्मीद में
की जब एक दिन मुलाकात होगी
तब कोई बरसात नहीं रुकेगी
वह अपनी मोहब्बत में घुल जाएगा
इस धरती के हर ज़र्रे में बिखरकर
अपना सारा वजूद मिटाकर
Pull Request
कितनी आसान होती जिंदगी अगर
हर मुश्किल मोड पे कोई आकर
थोड़ा सा इस दिल में झांककर
दे देता बस एक P.R. लिखकर
और मैं बदल जाता तब हसकर
बिना conflict के merge होकर
Solitude
I am caught in this double whammy
Why am I my soul’s worst company
Scared of the silence of my own solitude
Who else shall bear with such attitude?
I would rather indulge in the infinite scroll
Or take my chances against the army of troll
Or be buried in the burrow of books for a stroll
Than lay bare open with myself whole
I am caught in this double whammy
Why am I my soul’s worst company
Scared of the silence of my own solitude
Who else shall bear with such attitude?
गम
इन निगाहों को इस नकाब से
रिहा ना कीजिएगा
आपके आंसू इस जमाने से
जाहिर ना कीजिएगा
अगर हर आशिक आपका इस गम को
पीने में लग जाएगा
खत्म हो कर शराब हर मयखाने को
फिर ताला लग जाएगा
देणं
सावली बि गिळून
सांज गेली ढळून
तिच्या संगं जळून
आणि यक सपान
इस्कटल्यालं नशीब
उतरवलं थोडं ऋण
मागच्या येका जन्माचं
असंल राहिलेलं देणं